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एल फशिर नरसंहार के एक साल बाद: ब्रिटेन ने सूडानी सैन्य कमांडरों पर लगाए प्रतिबंध

2026-10-27 · GlobalTech Daily Editorial Desk · Source: www.theguardian.com

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चित्र स्रोत: www.theguardian.com — अधिकार सत्यापित नहीं

मुख्य बातें एल फशिर में हुई हिंसा की जवाबदेही सूडान के एल फशिर शहर के पतन की पहली बरसी पर, ब्रिटिश सरकार ने हिंसा में शामिल 15 वरिष्ठ सैन्य कमांडरों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। ये प्रतिबंध रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) और सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) दोनों पक्षों के उन अधिकारियों के खिल

एल फशिर में हुई हिंसा की जवाबदेही

सूडान के एल फशिर शहर के पतन की पहली बरसी पर, ब्रिटिश सरकार ने हिंसा में शामिल 15 वरिष्ठ सैन्य कमांडरों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। ये प्रतिबंध रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) और सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) दोनों पक्षों के उन अधिकारियों के खिलाफ हैं, जिन पर यौन हिंसा, नरसंहार और युद्ध अपराधों में शामिल होने का आरोप है। इन प्रतिबंधों के तहत संबंधित व्यक्तियों की संपत्ति जब्त कर ली गई है और उन पर यात्रा प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

नरसंहार और मानवीय संकट का विवरण

एक वर्ष पूर्व, एल फशिर में केवल दो दिनों के भीतर 10,000 से अधिक नागरिकों की हत्या कर दी गई थी, जिसे इस सदी का सबसे तेज और बड़ा नागरिक नरसंहार माना जा रहा है। हमले से पहले 18 महीने तक चले घेराबंदी ने शहर को भुखमरी की कगार पर धकेल दिया था। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 40,000 लोग अभी भी लापता हैं। युद्ध से पहले 10 लाख से अधिक की आबादी वाला यह शहर अब घटकर 70,000 से कम रह गया है, जहां निवासियों को अभी भी यातना, अवैध हिरासत और हत्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

प्रतिबंधों का दायरा और अनिश्चितता

यूके के विदेश कार्यालय का उद्देश्य एल फशिर की भयावहता को वैश्विक मंच पर उजागर करना है। प्रतिबंधित लोगों में आरएसएफ कर्नल हुसैन अबू जलाक और अल-नूर अहमद एडम (अल-कुब्बा) शामिल हैं, जिनकी भूमिका इन अत्याचारों में प्रमुख मानी गई है। हालांकि, संघर्ष की जटिलता बनी हुई है, विशेषकर यूएई द्वारा आरएसएफ को समर्थन देने के आरोपों के बीच, जिसे संयुक्त अरब अमीरात लगातार नकारता रहा है।

प्रभाव और आगे की राह

सू़डान का गृहयुद्ध अब एक ड्रोन युद्ध में तब्दील हो चुका है, जिससे आम नागरिकों के लिए संकट और गहरा गया है। हाल ही में पूर्वी सूडान में पावर स्टेशनों पर ड्रोन हमलों के कारण व्यापक बिजली कटौती हुई है। ब्रिटिश सरकार की यह कार्रवाई न्याय और जवाबदेही की दिशा में एक कदम है, लेकिन 1.4 करोड़ विस्थापित लोगों के भविष्य और शांति बहाली पर अभी भी अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं। पाठक अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक ब्रिटिश सरकार की विज्ञप्ति देख सकते हैं: https://www.theguardian.com/global-development/2026/oct/26/uk-sanctions-sudanese-military-leaders-implicated-in-el-fasher-campaign-of

मूल स्रोत पढ़ें: UK sanctions Sudanese military leaders implicated in El Fasher ‘campaign of rape’

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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